Contact me हमसे संपर्क करे...

statesmanil `,`, ♥ ↔♥ Feel free to contact me. Your comments and advices are valuable for me. हमसे संपर्क करने में सहज महसूस करें. आपकी टिप्पणियां एवं सुझाव मेरे लिया मूल्यवान है.

विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर में छापेमारी, लाखों के सामान जब्त

  • On Nov  04, 2009 at late night when my brother Gautam Called me up and says what happened at Vinaba Bhave University, Hazaribag, Jharkhand, than I was shocked that these things happening in the academic campus. Yes I new that there are many corruption in the field of education and in VB University in particular. But I was rely shoked when I came to know that it was doing openly and teacher (Professor) doing the things bellow the dignity of their profession. As I come to know that other person also involved and caught which name is not here in thia news article. this corruption and cast favour is the one resin that many deprived section of people are not able to get higher education and quality higher education in particular. Law facilitating and enforcement agencies must punish them with immediate effect to dismiss from jobs for their ill jobs.
  • http://in.jagran.yahoo.com/news/local/jharkhand/4_8_5901865_1.html
  • विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर में छापेमारी, लाखों के सामान जब्त Nov. 31, 2009. 2:26AM. (Online) हजारीबाग। विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर में गुरुवार की देर रात सदरपुलिस ने छापेमारी कर लाखों रुपए कासामान जब्त कर लिया। साथ ही इस दौरानविश्वविद्यालय के तीन कर्मियों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया, जिन्हेंपूछताछ के बाद मुक्त कर दिया गया। बरामद सामानों में अतिथि कक्ष में लगेदस पलंग व दस एसी समेत कई फर्नीचर आदि शामिल हैं। इस संबंध में बताया गयाहै कि शुक्रवार को निगरानी विभाग की संभावित औचक छापेमारी की सूचना मिलनेके बाद कुलपति के निर्देश पर अतिथिशाला में लगे एसी व एसी पलंग व फर्नीचरको हटाने का काम किया जा रहा था।  
  • जैसे ही सामानों को समेटने की कवायद जारी हुई एनएसयूआई के नेतासुरेन्द्र यादव को इसकी भनक लग गई। उसने इसकी जानकारी एसपी पंकज कंबोज कोफोन पर दे दी। एसपी के निर्देश पर सदर थाना प्रभारी एमएम सिंह विभाविपहुंचे और सारे सामानों को समेटते हुए तीन लोगों को रंगे हाथ पकड़ लिया औरसारे सामानों की जब्ती सूची तैयार कर विश्वविद्यालय प्रबंधन के जिम्मे मेंसौंपकर हिरासत में लिए गए खेल निदेशक चंद्रशेखर सिंह, ओएसडी वीरेन्द्रगुप्ता व विभाविकर्मी लालेश्वर को सदर थाना ले आया गया। वहां उन लोगों सेपूछताछ की गई तथा कुछ घंटे बाद मुक्त कर दिया गया।
Share on Google Plus

About Anil Kumar

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 CLICK for COMMENTs प्रतिक्रियाएं....:

Post a Comment